rajasthan सरकार की व्हीकल फिटनेस टेस्टिंग पॉलिसी के कारण बाड़मेर जैसी दुर्घटनाएं international expert ने गिनाई खामियां

राजस्थान में 40 वर्ष पुराने जंक लग चुके वाहनों तक को फिटनेस प्रमाण-पत्र बांटे जा रहे हैं। यहां तक की वाहनों को बिना फिटनेस सेंटर पर बुलाए सर्टिफिकेट दिए जा रहे हैं। हद तो यह है कि ऐसे वाहनों को भी फिटनेस सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया, जो पुलिस कस्टडी में थे। आश्चर्यजनक यह है कि ऐसे निजी फिटनेस सेंटरों की मॉनिटरिंग, जवाबदेही और जिम्मेदारी तय करने की दिशा में आरटीओ या कोई अन्य सरकारी एजेंसी कार्य नहीं कर रही है।