कोटा। बूंदी के तुलसी गांव में खंडित की गई पूर्व नरेश राव सूरजमल हाडा की छतरी (मंदिर) अपने स्थान पर ही बनेगी। संघर्ष समिति के अक्षय हाडा ने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष व कोटा-बूंदी सांसद ओम बिरला जी के साथ मीटिंग के बाद यह निर्णय हुआ है। आज दोपहर 12.15 बजे भूमि पूजन के बाद छतरी (मंदिर) का निर्माण प्रारंभ हो जाएगा।
राव सूरजमल हाडा की छतरी (मंदिर) के पुनः निर्माण को लेकर गुरुवार शाम कोटा में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के कैंप कार्यालय में उनकी अध्यक्षता में एक मीटिंग हुई, जिसमें कलेक्टर कोटा रविंद्र गोस्वामी, कलेक्टर बूंदी अक्षय गोदारा, ओम बिरला के ओएसडी राजीव दत्ता, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की दिल्ली से आई टीम, कोटा विकास प्राधिकरण की टीम, संघर्ष समिति के अध्यक्ष ब्रिगेडियर भूपेश सिंह हाडा, उपाध्यक्ष अक्षय हाडा और अन्य सदस्य शामिल हुए। अक्षय हाडा ने एयरपोर्ट की ड्राइंग और अन्य डिटेल्स से सभी को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छतरी (मंदिर) प्रस्तावित एयरपोर्ट के रनवे में रुकावट नहीं डाल रही है। यह रनवे से 300 मीटर दूर एप्रेन के पास आ रही है। अक्षय हाडा ने बताया कि छतरी (मंदिर) अपने पुराने स्वरूप के अनुरूप ही बनाया जाएगा।

गौरतलब है कि कोटा के प्रस्तावित ग्रीन एयरफील्ड एयरपोर्ट के लिए अधिग्रहित भूमि पर आ रही बूंदी के पूर्व नरेश राव सूरजमल हाडा की 600 साल पुरानी छतरी (मंदिर) को 20 सितंबर को खंडित कर दिया गया था। केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के विरोध जताने के बाद राज्य सरकार ने छतरी (मंदिर) को खंडित करने वाले तीन अधिकारियों को निलंबित भी किया था, लेकिन सर्वसमाज छतरी (मंदिर) को उसी स्थान पर बनाने के लिए संघर्ष कर रहा था। खंडित छतरी (मंदिर) पर लगातार लोग जमा हो रहे थे। हवन-पूजन चल रहा था।

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फिर बनेगी बूंदी के पूर्व नरेश राव सूरजमल हाडा की छतरी, आज भूमि पूजन

खंडित की जाने से पहले ऐसी थी राव सूरजमल हाडा की छतरी।
